गुणता प्रबंध पद्धति प्रमाणन योजना

 

भारतीय मानक ब्यूरो IS/ISO 9001:2000 मानक के अनुसार गुणता प्रबंध पद्धति प्रमाणन का प्रचालन कर रहा है.  इस योजना को 1991 में आरंभ किया गया जिसमें उद्योग के साथ-साथ सेवा क्षेत्र को भी शामिल किया गया जिसमें इंजनियरी, रसायन, औषधीय, सीमेंट, खाद्य, वस्त्रादि, स्वचालित वाहन, यांत्रिक, धातुकर्मीय, विद्युत, इलेक्ट्रानिक, वैमानिकी, अस्पताल, वित्तिय, बैंक सेवाएँ, निर्माण, थोक और खुदरा व्यापार, शिक्षा और प्रशिक्षण, होटल, पावर, मुद्रण, दूरसंचार, परीक्षण प्रयोगशाला और सूचना प्रौद्योगिकी शामिल हैं.  यह योजना प्रत्यायन के लिए डच परिषद, राड वूर ऐक्रेडिटेटी (आर वी ए) द्वारा निम्न 23 मुख्य आर्थिक गतिविधियों के लिए प्रत्यापित हैं:

 

-                     वस्त्रादि और वस्त्रादि उत्पाद

-                     रसायनिक, रसायन उत्पाद और फाइबर

-                     रबड और प्लास्टिक उत्पाद

-                     अलौह मिनरल उत्पाद

-                     कंक्रीट, सीमेंट, चूना, प्लास्टर आदि

-                     मूल धातु और संविचरित धातु उत्पाद

-                     मशीनरी और उपस्कर

-                     विद्युत और प्रकाशिक उपस्कर

-                     अन्य परिवहन उपस्कर

-                     थोक और खुदरा व्यापार

-                     मोटर गाडियों, मोटर साइकिलों और व्यक्तिगत तथा घरेलु वस्तुओं की मरम्मत

-                     खाद्य उत्पाद, पेय पदार्थ् और तम्बाकू

-                     चमडा और चमडा उत्पाद

-                     लकडी और लकडी उत्पाद

-                     लुगदी, पेपर और पेपर उत्पाद

-                     मुद्रण कम्पनी

-                     निर्माण अन्यत्र वर्गीकृत नही किया गया

-                     परिवहन, भंडारण और प्रेषण

-                     अन्य सेवाएँ

-                     होटल और रेस्टारेंट

-                     विद्युत सप्लाई

-                     औषधीय

-                     कोक और परिशोधित पेट्रोलियम उत्पाद का निर्माण

-                     वित्तिय मध्यस्थता, रियल एस्टेट, किराए पर देना (एन ए सी ई 65 लिमिटेड)

 

गुणता प्रबंधन पद्धति प्रमाणन मानक

 

IS/ISO 9001:2000 गुणता प्रबंध पद्धति – अपेक्षाएँ

IS/ISO 9002:1994 यह IS/ISO 9001:2000 का दूसरा पुनरीक्षण है जो ISO 9001:2000 के समान है, IS/ISO 9001:1994 के पहले पुनरीक्षण IS/ISO 9002:1994 और IS/ISO 9003:1994 को रद्द और प्रतिस्थापन करता है, इन  प्रलेखों का तकनीकी पुनरीक्षण किया गया है और कार्यवाही को बढावा दिया गया है.  वे संगठन जो IS/ISO 9002:1994 और IS/ISO 9003:1994 का पहले उपयोग करते थे, वे IS/ISO 9001:2000 के खंड 1.2 के अनुसार कुछ अपेक्षाओं को छोड कर इस मानक का उपयोग कर सकते हैं।

 


गुणता प्रबंधन पद्धति प्रमाणन योजना

 

प्रमाणित फर्म को लाभ

 

भा मा ब्यूरो गुणता प्रबंधन पद्धति प्रमाणित फर्म को निम्नलिखित लाभ है:

 

1.     इसकी सामर्थ्य की स्पष्ट सूचना

2.    गुणता के लिए इसकी वचनबद्धता के ठोस प्रमाण

3.    समय पर डिलीवरी के साथ उत्पाद/सेवा की गुणता में सामंजस्य का आश्वासन

 

-     विभिन्न ग्राहकों द्वारा अनेक मूल्यांकन के कारण रोजमर्रा में अवरोध में कमी

-     फर्म को इस पर बल दिया जाता है कि भा मा ब्यूरो द्वारा नियमित ऑडिट द्वारा पद्धति में सुधार पर विचार हेतु स्वयं प्रेरित करें।

-     उत्पाद के असफल होने की घटनाओं में कमी होने से फर्म की विश्वासनीयता में सुधार होता है।

-     गुणता जानकारी और क्षमता में वृद्धि के माध्यम से कम सामग्री अपशिष्ट, उत्पादन के समय में कमी, पुन: कार्य आदि मे कमी।

-     अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त होने के कारण फर्म की गुणता को विश्वव्यापी स्वीकृति होगी।

-     फर्म की पर्ति में बेहतर चयन और माँनीटरी

-     सभी प्रचालन वैज्ञानिक आधार पर होने लगेंगे

-     सभी कर्मचारी प्रेरित होंगे और उनका सम्मिलित होना सुनिश्चित होगा।

-     टी क्यू एम (पूर्ण गुणता प्रबंध) की ओर कदम ।

 

IS/ISO 9001:2000 मानक के अनुसार गुणता प्रबंध पद्धति प्रचालन प्रत्येक समय, समय पर उचित कार्य करने और हमेशा ग्राहक के संतोष को प्रेषित करता है।

 

गुणता प्रबन्‍धन पद्धति प्रमाणन योजना

 

ग्राहकों को लाभ

 

-     इस बात का आश्‍वासन और संतोष प्रदान करती है कि उनकी गुणता आवश्‍यकताओं की पूर्ति होगी ।

-     उनके लिए पूर्तिकर्ता के मूल्‍यांकन की आवश्‍यकता को कम करके समय और धन की बचत करना ।

-     आवक (आने वाली) के निरीक्षण की लागत में कमी ।

-     इन्‍वैटरी स्‍तर में कमी से लागत में प्रभावी कमी ।

-     खरीदने के निर्णय का सरलीकरण ।

-     उनके पूर्तिकर्ता में विश्‍वास उत्‍पन्‍न करना क्‍योंकि स्‍वतंत्र तृतीय पक्ष से अनुमोदन प्राप्त  है ।

-     बेहतर सेवा, बेहतर और शीघ्र शिकायत निवारण

IS/ISO 9001:2000 मानक क्‍यों ?

-     यह गुणता प्रबंध पद्धति के लिए अन्‍तर्राष्‍ट्रीय स्‍वीकृत ISO 9001:2000 मानक के समान है ।

-     इससे घरेलू के साथ-साथ विश्‍व बाजार में प्रतिस्‍पर्द्धा में आगे बढ़ने में सहायता मिलती है

-     धन की बचत के लिए गुणता प्रबंधन  पद्धति दक्ष और ठोस प्रक्रिया सुनिश्चित करती है।

-     संयंत्र के अनुकूलतम उपयोग सुनिश्चित करने और स्‍क्रैप तथा पुन: कार्य और मरम्‍मत मे समय की खपत कम करना सुनिश्चित करने के लिए,

-     इस साधन से गुणता नियंत्रण/गुणता आश्‍वासन प्राप्त  करने के अलावा सतत गुणता सुधार सुनिश्चित किया जा सकता है ।

-     इससे ग्राहक में विश्‍वास उत्‍पन्‍न होता है,

-     गुणता रिकार्ड के माध्‍यम से पद्धति को पारदर्शी करता है,

-     निम्‍नलिखित के माध्‍यम से उपभोक्‍ता के संतोष में वृद्धि करता है :

i)     उत्‍पाद की गुणता

ii)         समयानुसार डिलीवरी

iii)    बेहतर सेवा

iv)    शीध्र शिकायत निवारण

 

-     इससे उच्‍च उत्‍पादकता सुनिश्चित होती है,

-     इससे कर्मचारियों की प्रेरणा और सहभागिता में वृद्धि होती है ।

      अधिक जानकारी के लिए प्रमुख (प्रबन्‍धन पद्धति प्रमाणन विभाग), भारतीय मानक ब्‍यूरो, मानक भवन, 9, बहादुर शाह जफ़र मार्ग, नई दिल्‍ली को सम्पर्क करें

 

गुणता प्रबन्‍धन पद्धति प्रमाणन योजना

 

लाइसेंस कैसे प्राप्त करें ?

 

-     प्रलेखित गुणता प्रबन्‍धन  पद्धति की स्‍थापना करें और इसकी प्रभावशीलता सुनिश्चित करें।

-     प्रश्‍नावली (फार्म v) सहित निर्धारित प्रपत्र (फार्म iv) पर आवेदन पत्र जो इस वेबसाइट से डाउनलोड    

किया जा सकता है और वेबसाइट में दिए पते पर क्षेत्र के उपमहानिदेशक को आवश्‍यक शुल्‍क सहित भेज दें

-     जब मॉंगे जाए तो गुणता मैनुअल और सम्‍बन्धित प्रलेख प्रस्‍तुत करें ।

-     भा मा ब्‍यूरो आकलन दल द्वारा ऑडिट

-     आकलन द्वारा पाए गए अपालन पर सुधारात्‍मक कार्रवाई की जाए और उनका सत्‍यापन किया जाए।

-     लाइसेंस प्राप्त करें

-     लाइसेंस कम्‍पनी को इस योग्‍य बनायेगा जिससे व‍ह राष्‍ट्रीय और अन्‍तर्राष्‍ट्रीय बाजार में प्रभावशाली प्रतिस्‍पर्द्धा कर सके ।

-     भा मा ब्‍यूरो गुणता प्रबन्‍धन पद्धति प्रमाणन योजना तेईस मुख्‍य आर्थिक गतिविधियों के लिए राड वूर ऐकरेडिटेटी द्वारा प्रत्‍यापित है ।

गुणता प्रबन्‍धन पद्धति प्रमाणन योजना की प्रक्रिया

अधिक जानकारी के लिए भारतीय मानक ब्‍यूरो के निकटतम कार्यालय अथवा उपमहानिदेशक (क्षेत्रीय कार्यालय) में वेबसाइट पर दिए पते या प्रमुख (प्रबन्‍धन  पद्धति प्रमाणन), भारतीय मानक ब्‍यूरो, मानक भवन, 9 बहादुर शाह जफ़र मार्ग, नई दिल्‍ली 110002 पर सम्‍पर्क करें ।

लाइसेंसधारी वेबसाइट से नवीकरण फार्म डाउनलोड कर सकते हैं ।

गुणता प्रबन्‍धन पद्धति प्रमाणन के लिए शुल्‍क की अनुसूची

(आवेदक/लाइसेंसधारी द्वारा सभी शुल्‍क का 10.2% सर्विस कर का अग्रिम भुगतान किया जाए)

आवेदन शुल्‍क

IS/ISO 9001:2000 के लिए :

आवेदन शुल्‍क (आवेदन-पत्र के साथ भुगतान किया जाए) 15000/-  रूपये होगा |

निम्‍नलिखित के लिए आवेदन-शुल्‍क में रियायत होगी : किसी संगठन अथवा कारपोरेट निकाय को भा मा ब्‍यूरो द्वारा प्रमाणित पहले यूनिट के बाद के प्रत्‍येक यूनिट के लिए आवेदन शुल्‍क 10,000/- रूपये होगा ।

-     लघु उद्योग/अनुषंगी/बहुत छोटी इकाइयों के लिए आवेदन शुल्‍क 10,000 रूपये होगा । लघु सेवा और व्‍यापार (उद्योग सम्‍बन्धित) उद्यम जिन्‍होनें भूमि और भवन को छोड़कर नियत सम्‍पत्ति में 10 लाख रूपये तक का निवेश किया हुआ है आवेदन शुल्‍क 10,000/- रूपये  होगा ।

लघु उद्यम कोई भी इकाई जिसमें एक करोड़ रूपए से कम की पूंजी लगी है (नियत सम्‍पत्ति + निबल चालू सम्‍पत्ति) और 25 से कम कर्मचारी है आवेदन शुल्‍क 10,000/- रूपये होगा ।

निम्‍न संस्‍थान सरकारी या राज्‍य सरकार या सार्वजनिक उपक्रमों की फीस उनके आकार पर निर्भर नहीं होगी :-

पुस्‍तकालय, प्रयोगशाला, स्‍कूल, कालेज, पोलीटेक्‍नीक, प्रशिक्षण संस्‍थान और सरकार, राज्‍य सरकार और निजी क्षेत्र के स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थान के लिए आवेदन शुल्‍क 10,000/- रूपये  होगा ।

इकाइयों का समूह :

किसी संगठन की 25 या अधिक इकाइयों के प्रत्‍येक समूह के लिये लिए आवेदन शुल्‍क 1,000/- रूपये  होगा । (अगर यह इकाइयॉं समूह रूप में आवेदन करेंगी)

किसी संगठन की पॉंच समूह की प्रत्‍येक इकाई अथवा अधिक लेकिन 25 इकाइयों/शाखाओं से कम के लिए आवेदन शुल्‍क 5000/- रूपये  होगा (अगर यह इकाइयॉं समूह रूप में आवेदन करेंगी)

आकलन शुल्‍क  व प्रारम्भिक/प्रमाणन आडिट

आवेदन शुल्‍क में प्रलेखित गुणता पद्धति के पर्याप्‍त ऑडिट और प्रारंभिक दौरे का शुल्‍क शामिल है । लेकिन प्रारंभिक दौरे के लिए ऑडिटर (ऑडिटरों) की यात्रा और रहने के लिए व्‍यय का शुल्‍क लिया जाएगा ।

आकलन शुल्‍क (प्रारम्भिक/प्रमाणन आडिट) और पुन: आकलन शुल्‍क (नवीकरण ऑडिट)

प्रति ऑडिटर(रों) आकलन शुल्‍क प्रति दिन के ऑडिटर के यात्रा और रहने के लिए 3,000/- रू  लिए जाएंगें (आकलन शुल्‍क और अनुमानित व्‍यय का ऑडिट से पहले अग्रिम भुगतान किया जाएगा)  सामान्‍यत: आकलन समय छह से नौ श्रमदिवस होंगे (उदाहरणार्थ दो/तीन दिनों के लिए तीन ऑडिटर) । लेकिन यह लचीला/परिवर्तित है और स्‍थापित गुणता प्रबन्‍धन  पद्धति और कम्‍पनी के प्रचालन की प्रकृति और आकार निर्भर होगा ।

25  इकाइयों के समूह और 25 इकाइयों से अधिक और 100 से कम के लिए अगर यह इकाईयॉं समूह में आवेदन करती हैं) अगर ऑडिटर के अलावा विशेषज्ञ है तो ऑडिट के दौरान वास्‍तविक ऑडिट श्रमदिवस की तुलना में एक श्रमदिवस कम का शुल्‍क लिया जाएगा । 100 और 100 से अधिक समूहों के लिए (अगर यह इकाइयां समूह के रूप में आवेदन करती है) ऑडिट के दौरान बिताए श्रम दिवस की संख्‍या के अनुसार प्रत्‍येक यूनिट के लिए एकमुश्‍त केवल 9,000 रू शुल्‍क लिया जाएगा। सामान्‍यतया बैंक के आरंभिक ऑडिट में एक दिवस के लिए एक विशेषज्ञ  काम में लगते हैं ।

लाइसेंस शुल्‍क (स्‍वीकृति/नवीकरण)

IS/ISO 9001:200 के लिए तीन वर्ष की अवधि के लिए लाइसेंसधारी को लाइसेंस प्रलेख देने से पहले लाइसेंस की स्‍वीकृति के समय 60,000/- रूपये लाइसेंस शुल्‍क देना होगा ।

निम्‍नलिखित के लिए लाइसेंस शुल्‍क में रियायत होगी : किसी संगठन अथवा कारपोरेट निकाय को भा मा ब्‍यूरो द्वारा प्रमाणित पहली इकाई के प्रत्‍येक बाद की इकाई (समूह रूप में अथवा समूह के अलावा) लाइसेंस शुल्‍क 40,000/- रू होगा । पहली इकाई के लिए लाइसेंस शुल्‍क 60,000/- रू लिया जाएगा । लघु उद्योग/अनुषन्गी/बहुत छोटी इकाइयों के लिए आवेदन शुल्‍क 40,000/- रू होगा ।

·        लघु सेवा और व्‍यापार (उद्योग सम्‍बन्धित) उद्यम जिन्‍होंने भूमि और भवन को छोड़कर नियत (स्थिर) सम्‍पत्ति में 10 लाख रू तक का निवेश किया हुआ है आवेदन शुल्‍क 40,000/- रू होगा ।

लघु उद्यम कोई भी इकाई जिसमें एक करोड़ रूपए से कम की पूंजी लगी है (नियत सम्‍पत्ति + निबल चालू सम्‍पत्ति) और 25 से कम कर्मचारी हैं आवेदन शुल्‍क 40,000/- रू होगा।

पुस्‍तकालय, प्रयोगशाला, स्‍कूल, कालेज, पोलीटेक्‍नीक, प्रशिक्षण संस्‍थान और सरकार, राज्‍य सरकार और निजी क्षेत्र के स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थान, उनके आकार के अनुसार आवेदन शुल्‍क 40,000/- रूपये होगा । 5 समूह अथवा 5 से अधिक समूह के लिए (अगर यह इकाइयॉं समूह रूप में आवेदन करें) लाइसेंस शुल्‍क 40,000/- रूपये लिया जाएगा । लेकिन 5 समूह अथवा 5 से अधिक समूह के पहली इकाई के लिए 60,000/- रूपये लिया जाएगा ।

किसी संगठन अथवा कोरपोरेट निकाय की पहली इकाई के मामले में आवेदन शुल्‍क में रियायत दी जाती है अर्थात् उपरोक्‍त वर्ग के अर्न्‍तगत किसी के लिए 40,000/- रूपये का शुल्‍क लिया जाता है तो बाद की इकाइयों जो उपरोक्‍त किसी भी वर्ग में नहीं आती, आवेदन शुल्‍क के रूप में 60,000/- रूपये शुल्‍क लिया जाएगा ।

लाइसेंस की स्‍वीकृति के समय लाइसेंस शुल्‍क का भुगतान किया जाएगा ।

निगरानी ऑडिट

तीन वर्षों में कम से कम 3 निगरानी ऑडिट किए जाएंगे । निगरानी ऑडिट के लिए शुल्‍क ऑडिटर की यात्रा और रहने के लिए व्‍यय के साथ प्रति श्रमदिवस के अनुसार जितने श्रमदिवस लगेगें, उसके अनुसार शुल्‍क लिया जाएगा जो लागत के अनुसार लिए जाएंगे (निगरानी ऑडिट शुल्‍क और अनुमानित व्‍यय का ऑडिट से पहले अग्रिम भुगतान लिया जाएगा ।

विशेष दौरे के लिए शुल्‍क

किसी अन्‍य ऑडिट (अनुवर्ती ऑडिट) अथवा विशेष दौरे के लिए प्रति ऑडिटर प्रति दिन के अनुसार ऑडिटर की यात्रा और रहने के लिए व्‍यय के साथ 3000/- रूपये शुल्‍क लिया जाएगा जो लागत के अनुसार होगा । उपरोक्‍त शुल्‍क अतिरिक्‍त अपेक्षाओं को शामिल करते हुए किसी अन्‍य दौर पर भी लागू होंगे जो एनसी से उठे (असंतोषजनक निष्‍पादन) सत्‍यापन कार्रवाई के लिए अपेक्षित नियमित दौरे और/अथवा दौरे(रों) के दौरान निर्धारित नहीं किए जाएंगे । विशेष दौरे में विषय क्षेत्र का विस्‍तार, संरचना में परिवर्तन, विलयन, पते में परिवर्तन आदि का ऑडिट भी शामिल होगा । भा मा ब्‍यूरो विशेष दौरे के आयोजन के बारे में निर्णय लेगा

शुल्‍क पर पुर्नविचार

शुल्‍क और रियायत पर आवधिक पुर्नविचार होगा ।

ऑडिट के लिए उप-संविदाकार ऑडिटर और तकनीकी विशेषज्ञ के चयन का मापदंड

भा मा ब्‍यूरो अधिनियम 1986 और उसके अन्‍तर्गत बने नियमों और विनियमों के प्रावधानो के अन्‍तर्गत, भारतीय मानक ब्‍यूरो विभिन्‍न प्रबन्‍धन  पद्धति प्रमाणन योजनाओं IS/ISO 9001 (गुणता प्रबन्‍धन  पद्धति), IS/ISO 14001 (पर्यावरण प्रबन्‍धन  पद्धति), IS 18001 (व्‍यवसायिक स्‍वास्‍थ्‍य और सुरक्षा प्रबन्‍धन  पद्धति), IS 15000 (खाद्य जनित विश्‍लेषण और क्रांतिक नियंत्रण बिन्‍दु) प्रमाणन का प्रचालन कर रहा है । इस योजना के अन्‍तर्गत विभिन्‍न उद्योग और सेवा संगठनों के अन्‍तर्गत लाइसेंस स्‍वीकृत किया जाता है और लगभग 1500 लाइसेंस स्‍वीकृत किए जा चुके हैं । गुणता प्रबन्‍धन  पद्धति प्रमाणन (IS/ISO 9001:2000) योजना 23 क्षेत्रों के लिए राड वूर एकरेडिटेटी (आरवीए), नीदरलैंड द्वारा प्रत्‍यायित है ।

भा मा ब्‍यूरो समय-समय पर उप-संविदाकार ऑडिट और तकनीकी विशेषज्ञों की प्रबन्‍धन  पद्धति प्रमाणन योजनाओं IS/ISO 9001 (गुणता प्रबन्‍धन  पद्धति) IS/ISO 14001 (पर्यावरण प्रबन्‍धन  पद्धति), IS 18001 (व्‍यावसायिक स्‍वास्‍थ्‍य और सुरक्षा प्रबन्‍धन  पद्धति, IS 15000 (खाद्य जनित विश्‍लेषण और क्रांतिक नियंत्रण बिन्‍दु) प्रमाणन के ऑडिट के लिए सेवा की आवश्‍यकता होती है। गुणता प्रबन्‍धन  पद्धति प्रमाणन योजना (IS/ISO 9001:2000) के लिए उप-निविदाकार ऑडिटर और तकनीकी विशेषज्ञों के चयन के लिए निम्‍नलिखित मापदंड लागू होता है। पर्यावरण प्रबन्‍धन  पद्धति के लिए IS/ISO 19011:2002 में दिए मापदंड लागू होगें और व्‍यावसायिक स्‍वास्‍थ्‍य और सुरक्षा प्रबंध पद्धति और खाद्य जनित विश्‍लेषण और क्रांतिक नियंत्रण बिन्‍दु के लिए IS/ISO 19011:2002 में दिए मापदंड समान ही लागू होंगे। अधिक जानकारी के लिए क्षेत्रीय कार्यालय अथवा मुख्‍यालय के प्रबन्‍धन  पद्धति प्रमाणन विभाग से सम्‍पर्क करें।

आवेदक मापदंड के लिए निम्‍नलिखित पतों पर क्षेत्रीय कार्यालय में भी सम्‍पर्क कर सकते हैं। आवेदन प्राप्ति की अन्तिम तारीख 30 जून 2005 है।

1.    चयन के लिए मापदंड

1.1    उप-संविदाकार ऑडीटर (योग्‍यता और अनुभव) स्‍नातक होना चाहिए और उत्‍पाद प्रमाणन गतिविधि में न्‍यूनतम 4 वर्ष के अनुभव को वरीयता दी जाएगी और न्‍यूनतम 200 उत्‍पाद प्रमाणन निरीक्षण किए हो या तकनीकी अनुभव का कुल 4 वर्ष का कार्य हो, प्रबंधकीय या व्‍यावसायिक पद में हो, जिसमें कम से कम 2 वर्ष गुणता के क्षेत्र में हो। उम्‍मीदवार को अन्तिम नियोजक में गोपनीय रिपोर्ट/निष्‍पादन रिपोर्ट पर जहॉं लागू हो, पर विचार किया जाएगा।

1.2   उप-संविदाकार ऑडीटर (प्रशिक्षण) उसने नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर एडीटर्स और ट्रेनी (एनएबीएटी)/आईआरसीए, यू.के. द्वारा मान्‍यताप्राप्‍त गुणता पद्धति ऑडिट के पाठयक्रम का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पास किया होना चाहिए। न्‍यूनतम 40 घंटे का ऑडिट का प्रशिक्षण होना चाहिए।

1.3   तकनीकी विशेषज्ञ (योग्‍यता और अनुभव) सम्‍बद्ध विषय में योग्‍यता कम से कम स्‍नातक के साथ इस क्षेत्र में 50 उत्‍पाद प्रमाणन निरीक्षण या सम्‍बद्ध क्षेत्र में 3 वर्ष का कार्य स्‍थल पर अनुभव होना चाहिए। ज्ञान और निपुणता में विशेष क्षेत्र की शब्‍दावली, प्रक्रिया और उत्‍पाद के तकनीकी लक्षण, सेवाओं सहित और विशेष क्षेत्र की प्रक्रिया और पद्धति शामिल है।

अथवा

योग्‍य ऑडिटर में सम्‍बद्ध क्षेत्र की योग्‍यता होनी चाहिए और ऑडिटर/प्रशिक्षण में ऑडिटर के रूप में 5 गुणता पद्धति निगरानी ऑडिट के प्रत्‍यक्षदर्शी रहे हो/या ऑडिट/प्रशिक्षण में ऑडिटर/टीम लीडर के रूप में 3 आरंभिक/नवीकरण ऑडिट के साथ सम्‍बद्ध क्षेत्र में ISO 9001 तत्‍व घटक को लागू करने के लिए मार्गदर्शी नोट की जानकारी अथवा प्रशिक्षण होना चाहिए।

 

1.4                    अंतिम नियोजक से प्राप्त उम्मीदवार की गोपनीय रिपोर्ट/निष्पादन रिपोर्ट पर भी जहाँ लागू होगा विचार किया जाएगा या पूर्ववृत पर विचार किया जाएगा ।

 

1.5                    उपरोक्त के अतिरिक्त, उप-संविदाकार (ऑडिटर) और उप-संविदाकार (तकनीकी-विशेषज्ञ) के लिए आवेदक को IS/ISO 19011:2002 में दिए गए मापदंड के अनुसार ऑडिट अनुभव, सक्षमता, व्यक्तिगत विशेषता आदि के अनुसार होना चाहिए.

 

भारतीय मानक ब्यूरो क्षेत्रीय अधिकारियॉ की सूची

उत्तरी क्षेत्रीय कार्यालय

प्रबंध पद्धति प्रमाणन अधिकारी

भारतीय मानक ब्यूरो

एससीओ 325-336, सेक्टर 34-ए

चण्डीगढ – 160022

पूर्वी क्षेत्रीय कार्यालय

प्रबंध पद्धति प्रमाणन अधिकारी

भारतीय मानक ब्यूरो

1/14, सीआईटी, स्कीम VII

वीआईपी रोड, कांकुरगाछी

कोलकाता – 700054

 

पश्चिमी क्षेत्रीय कार्यालय

प्रबंध पद्धति प्रमाणन अधिकारी

भारतीय मानक ब्यूरो

मानकालय, ई-9, मारोल टेलीफोन एक्स्चेंज के पीछे

, अंधेरी (पूर्व)

, मुंबई – 400093

दक्षिणी क्षेत्रीय कार्यालय

प्रबंध पद्धति प्रमाणन अधिकारी

भारतीय मानक ब्यूरो

सीआईटी कैम्पस, IV क्रास रोड

चेन्नई – 600113

मध्य क्षेत्रीय कार्यालय

प्रबंध पद्धति प्रमाणन अधिकारी

भारतीय मानक ब्यूरो

9 बहादुर शाह ज़फर मार्ग

नई दिल्ली – 110002

 

कृपया फोन व ई-मेल पते के लिये यहॉ क्लिक करें ।