गुणता प्रबंध
पद्धति प्रमाणन
योजना
भारतीय
मानक ब्यूरो IS/ISO 9001:2000 मानक
के अनुसार गुणता
प्रबंध पद्धति
प्रमाणन का प्रचालन
कर रहा है. इस योजना
को 1991 में आरंभ किया
गया जिसमें उद्योग
के साथ-साथ सेवा
क्षेत्र को भी
शामिल किया गया
जिसमें इंजनियरी,
रसायन, औषधीय, सीमेंट, खाद्य,
वस्त्रादि,
स्वचालित वाहन,
यांत्रिक, धातुकर्मीय,
विद्युत, इलेक्ट्रानिक,
वैमानिकी, अस्पताल,
वित्तिय, बैंक
सेवाएँ, निर्माण,
थोक और खुदरा व्यापार,
शिक्षा और प्रशिक्षण,
होटल, पावर,
मुद्रण, दूरसंचार,
परीक्षण प्रयोगशाला
और सूचना प्रौद्योगिकी
शामिल हैं. यह योजना
प्रत्यायन के लिए
डच परिषद, राड वूर ऐक्रेडिटेटी
(आर वी ए) द्वारा
निम्न 23 मुख्य आर्थिक
गतिविधियों
के लिए प्रत्यापित
हैं:
-
वस्त्रादि और
वस्त्रादि
उत्पाद
-
रसायनिक, रसायन
उत्पाद और फाइबर
-
रबड और
प्लास्टिक उत्पाद
-
अलौह मिनरल उत्पाद
-
कंक्रीट, सीमेंट, चूना,
प्लास्टर आदि
-
मूल धातु
और संविचरित
धातु उत्पाद
-
मशीनरी और
उपस्कर
-
विद्युत
और प्रकाशिक
उपस्कर
-
अन्य परिवहन
उपस्कर
-
थोक और खुदरा
व्यापार
-
मोटर गाडियों, मोटर
साइकिलों
और व्यक्तिगत तथा
घरेलु वस्तुओं की
मरम्मत
-
खाद्य उत्पाद,
पेय पदार्थ्
और तम्बाकू
-
चमडा और
चमडा उत्पाद
-
लकडी और
लकडी उत्पाद
-
लुगदी, पेपर
और पेपर उत्पाद
-
मुद्रण कम्पनी
-
निर्माण
अन्यत्र वर्गीकृत
नही किया गया
-
परिवहन, भंडारण
और प्रेषण
-
अन्य सेवाएँ
-
होटल और रेस्टारेंट
-
विद्युत
सप्लाई
-
औषधीय
-
कोक और परिशोधित
पेट्रोलियम
उत्पाद का निर्माण
-
वित्तिय मध्यस्थता,
रियल एस्टेट,
किराए पर देना
(एन ए सी ई 65 लिमिटेड)
गुणता प्रबंधन पद्धति
प्रमाणन मानक
IS/ISO 9001:2000 गुणता
प्रबंध पद्धति
– अपेक्षाएँ
IS/ISO 9002:1994 यह IS/ISO 9001:2000 का
दूसरा पुनरीक्षण
है जो ISO 9001:2000 के समान है,
IS/ISO 9001:1994 के
पहले पुनरीक्षण
IS/ISO 9002:1994 और
IS/ISO 9003:1994 को
रद्द और प्रतिस्थापन
करता है, इन प्रलेखों
का तकनीकी पुनरीक्षण
किया गया है और
कार्यवाही को बढावा दिया
गया है. वे
संगठन जो IS/ISO 9002:1994 और
IS/ISO 9003:1994 का
पहले उपयोग करते
थे, वे IS/ISO 9001:2000 के खंड 1.2 के
अनुसार कुछ अपेक्षाओं
को छोड कर इस
मानक का उपयोग
कर सकते हैं।
गुणता प्रबंधन
पद्धति प्रमाणन
योजना
प्रमाणित
फर्म को लाभ
भा मा ब्यूरो
गुणता प्रबंधन
पद्धति प्रमाणित
फर्म को निम्नलिखित
लाभ है:
1. इसकी सामर्थ्य
की स्पष्ट सूचना
2. गुणता
के लिए इसकी वचनबद्धता
के ठोस प्रमाण
3. समय पर डिलीवरी के
साथ उत्पाद/सेवा
की गुणता में
सामंजस्य का आश्वासन
- विभिन्न
ग्राहकों द्वारा
अनेक मूल्यांकन
के कारण रोजमर्रा
में अवरोध में
कमी
- फर्म
को इस पर बल दिया
जाता है कि भा मा
ब्यूरो द्वारा
नियमित ऑडिट द्वारा
पद्धति में सुधार
पर विचार हेतु
स्वयं प्रेरित
करें।
- उत्पाद
के असफल होने की
घटनाओं में
कमी होने से फर्म की विश्वासनीयता
में सुधार होता
है।
- गुणता जानकारी
और क्षमता में
वृद्धि के माध्यम
से कम सामग्री
अपशिष्ट, उत्पादन
के समय में कमी, पुन:
कार्य आदि मे
कमी।
- अंतर्राष्ट्रीय
मान्यता प्राप्त
होने के कारण फर्म की गुणता को विश्वव्यापी
स्वीकृति होगी।
- फर्म की पर्ति में बेहतर
चयन और माँनीटरी
- सभी
प्रचालन वैज्ञानिक
आधार पर होने लगेंगे।
- सभी
कर्मचारी प्रेरित
होंगे और उनका
सम्मिलित होना
सुनिश्चित होगा।
- टी क्यू
एम (पूर्ण गुणता प्रबंध)
की ओर कदम ।
IS/ISO 9001:2000 मानक
के अनुसार गुणता
प्रबंध पद्धति
प्रचालन प्रत्येक
समय, समय
पर उचित कार्य
करने और हमेशा
ग्राहक के संतोष
को प्रेषित करता
है।
गुणता प्रबन्धन
पद्धति प्रमाणन
योजना
ग्राहकों
को लाभ
- इस बात का
आश्वासन और संतोष
प्रदान करती है
कि उनकी गुणता
आवश्यकताओं
की पूर्ति होगी
।
- उनके लिए
पूर्तिकर्ता
के मूल्यांकन
की आवश्यकता को
कम करके समय और
धन की बचत करना
।
- आवक (आने
वाली) के निरीक्षण
की लागत में कमी
।
- इन्वैटरी
स्तर में कमी
से लागत में प्रभावी
कमी ।
- खरीदने के
निर्णय का सरलीकरण
।
- उनके पूर्तिकर्ता
में विश्वास उत्पन्न
करना क्योंकि
स्वतंत्र तृतीय पक्ष
से अनुमोदन प्राप्त है ।
- बेहतर सेवा, बेहतर
और शीघ्र शिकायत
निवारण
IS/ISO 9001:2000 मानक
क्यों ?
- यह गुणता
प्रबंध पद्धति
के लिए अन्तर्राष्ट्रीय
स्वीकृत ISO 9001:2000 मानक
के समान है ।
- इससे घरेलू
के साथ-साथ विश्व
बाजार में प्रतिस्पर्द्धा
में आगे बढ़ने
में सहायता मिलती
है
- धन की बचत
के लिए – गुणता
प्रबंधन पद्धति दक्ष
और ठोस प्रक्रिया
सुनिश्चित करती
है।
- संयंत्र
के अनुकूलतम
उपयोग सुनिश्चित
करने और स्क्रैप
तथा पुन: कार्य
और मरम्मत मे समय की खपत
कम करना सुनिश्चित
करने के लिए,
- इस साधन
से गुणता नियंत्रण/गुणता आश्वासन
प्राप्त करने के अलावा
सतत गुणता
सुधार सुनिश्चित
किया जा सकता है
।
- इससे ग्राहक
में विश्वास उत्पन्न
होता है,
- गुणता
रिकार्ड के माध्यम
से पद्धति को पारदर्शी
करता है,
- निम्नलिखित
के माध्यम से
उपभोक्ता के संतोष
में वृद्धि करता
है :
i) उत्पाद
की गुणता
ii) समयानुसार
डिलीवरी
iii) बेहतर सेवा
iv) शीध्र
शिकायत निवारण
- इससे उच्च
उत्पादकता सुनिश्चित
होती है,
- इससे कर्मचारियों
की प्रेरणा और
सहभागिता में वृद्धि
होती है ।
अधिक जानकारी
के लिए प्रमुख
(प्रबन्धन पद्धति
प्रमाणन विभाग), भारतीय
मानक ब्यूरो, मानक
भवन, 9, बहादुर
शाह जफ़र मार्ग, नई दिल्ली
को सम्पर्क
करें
गुणता प्रबन्धन
पद्धति प्रमाणन
योजना
लाइसेंस
कैसे प्राप्त करें
?
- प्रलेखित गुणता प्रबन्धन पद्धति की
स्थापना करें
और इसकी प्रभावशीलता
सुनिश्चित करें।
- प्रश्नावली
(फार्म
v) सहित
निर्धारित प्रपत्र
(फार्म
iv) पर आवेदन
पत्र जो इस वेबसाइट
से डाउनलोड
किया
जा सकता है और वेबसाइट
में दिए पते पर
क्षेत्र के उपमहानिदेशक
को आवश्यक शुल्क
सहित भेज दें
- जब
मॉंगे जाए
तो गुणता मैनुअल और सम्बन्धित
प्रलेख प्रस्तुत
करें ।
- भा
मा ब्यूरो आकलन
दल द्वारा ऑडिट।
- आकलन
द्वारा पाए गए
अपालन पर सुधारात्मक
कार्रवाई की जाए
और उनका सत्यापन
किया जाए।
- लाइसेंस
प्राप्त करें
- लाइसेंस
कम्पनी को
इस योग्य बनायेगा
जिससे वह राष्ट्रीय
और अन्तर्राष्ट्रीय
बाजार में प्रभावशाली
प्रतिस्पर्द्धा
कर सके ।
- भा मा ब्यूरो
गुणता प्रबन्धन
पद्धति प्रमाणन
योजना तेईस मुख्य
आर्थिक गतिविधियों
के लिए राड
वूर ऐकरेडिटेटी
द्वारा प्रत्यापित
है ।
गुणता प्रबन्धन
पद्धति
प्रमाणन
योजना की प्रक्रिया
अधिक जानकारी
के लिए भारतीय
मानक ब्यूरो के
निकटतम कार्यालय
अथवा उपमहानिदेशक
(क्षेत्रीय
कार्यालय) में वेबसाइट
पर दिए पते या प्रमुख
(प्रबन्धन पद्धति प्रमाणन), भारतीय
मानक ब्यूरो, मानक
भवन, 9 बहादुर
शाह जफ़र मार्ग, नई दिल्ली
– 110002 पर
सम्पर्क
करें ।
लाइसेंसधारी
वेबसाइट से नवीकरण फार्म
डाउनलोड कर
सकते हैं ।
गुणता प्रबन्धन
पद्धति प्रमाणन
के लिए शुल्क
की अनुसूची
(आवेदक/लाइसेंसधारी
द्वारा सभी शुल्क
का 10.2% सर्विस
कर का अग्रिम भुगतान
किया जाए)
आवेदन
शुल्क
IS/ISO 9001:2000 के लिए
:
आवेदन शुल्क
(आवेदन-पत्र
के साथ भुगतान
किया जाए) 15000/- रूपये होगा |
निम्नलिखित
के लिए आवेदन-शुल्क
में रियायत होगी
: किसी संगठन अथवा
कारपोरेट
निकाय को भा मा
ब्यूरो द्वारा
प्रमाणित पहले
यूनिट के बाद के
प्रत्येक यूनिट
के लिए आवेदन शुल्क
10,000/- रूपये होगा
।
- लघु
उद्योग/अनुषंगी/बहुत
छोटी इकाइयों
के लिए आवेदन शुल्क
10,000 रूपये होगा
। लघु सेवा और व्यापार
(उद्योग
सम्बन्धित) उद्यम
जिन्होनें
भूमि और भवन को
छोड़कर नियत सम्पत्ति
में 10 लाख रूपये
तक का निवेश किया
हुआ है – आवेदन शुल्क
10,000/- रूपये होगा ।
लघु उद्यम
– कोई
भी इकाई जिसमें
एक करोड़ रूपए
से कम की पूंजी
लगी है (नियत सम्पत्ति
+ निबल
चालू सम्पत्ति) और 25 से
कम कर्मचारी है
– आवेदन
शुल्क 10,000/- रूपये
होगा ।
निम्न
संस्थान सरकारी
या राज्य सरकार
या सार्वजनिक उपक्रमों
की फीस उनके आकार
पर निर्भर नहीं
होगी :-
पुस्तकालय, प्रयोगशाला, स्कूल, कालेज, पोलीटेक्नीक, प्रशिक्षण
संस्थान और सरकार, राज्य
सरकार और निजी
क्षेत्र के स्वास्थ्य
संस्थान के लिए
आवेदन शुल्क
10,000/- रूपये होगा ।
इकाइयों का
समूह :
किसी संगठन
की 25 या अधिक इकाइयों के
प्रत्येक समूह
के लिये लिए आवेदन
शुल्क 1,000/- रूपये होगा । (अगर
यह इकाइयॉं
समूह रूप में आवेदन
करेंगी)
किसी संगठन
की पॉंच समूह
की प्रत्येक इकाई
अथवा अधिक लेकिन
25 इकाइयों/शाखाओं
से कम के लिए आवेदन
शुल्क 5000/- रूपये होगा (अगर
यह इकाइयॉं
समूह रूप में आवेदन
करेंगी)।
आकलन शुल्क व प्रारम्भिक/प्रमाणन
आडिट
आवेदन शुल्क
में प्रलेखित
गुणता पद्धति
के पर्याप्त ऑडिट और प्रारंभिक
दौरे का शुल्क
शामिल है । लेकिन
प्रारंभिक दौरे
के लिए ऑडिटर (ऑडिटरों) की यात्रा
और रहने के लिए
व्यय का शुल्क
लिया जाएगा ।
आकलन शुल्क
(प्रारम्भिक/प्रमाणन
आडिट) और पुन: आकलन
शुल्क (नवीकरण ऑडिट)
प्रति
ऑडिटर(रों) आकलन
शुल्क प्रति दिन
के ऑडिटर के यात्रा
और रहने के लिए
3,000/- रू लिए जाएंगें
(आकलन
शुल्क और अनुमानित
व्यय का ऑडिट
से पहले अग्रिम
भुगतान किया जाएगा)
सामान्यत: आकलन
समय छह से नौ श्रमदिवस होंगे
(उदाहरणार्थ
दो/तीन दिनों के
लिए तीन ऑडिटर) । लेकिन
यह लचीला/परिवर्तित
है और स्थापित
गुणता प्रबन्धन पद्धति और
कम्पनी के
प्रचालन की प्रकृति
और आकार निर्भर
होगा ।
25 इकाइयों
के समूह और 25 इकाइयों से
अधिक और 100 से कम के
लिए अगर यह इकाईयॉं
समूह में आवेदन
करती हैं) अगर
ऑडिटर के अलावा
विशेषज्ञ है तो
ऑडिट के दौरान
वास्तविक ऑडिट श्रमदिवस
की तुलना में एक
श्रमदिवस
कम का शुल्क लिया
जाएगा । 100 और 100 से
अधिक समूहों के
लिए (अगर
यह इकाइयां
समूह के रूप में
आवेदन करती है) ऑडिट के दौरान
बिताए श्रम
दिवस की संख्या
के अनुसार प्रत्येक
यूनिट के लिए एकमुश्त
केवल 9,000 रू शुल्क
लिया जाएगा। सामान्यतया
बैंक के आरंभिक
ऑडिट में एक
दिवस के लिए एक
विशेषज्ञ काम में लगते
हैं ।
लाइसेंस
शुल्क (स्वीकृति/नवीकरण)
IS/ISO 9001:200 के लिए तीन
वर्ष की अवधि के
लिए लाइसेंसधारी
को लाइसेंस प्रलेख
देने से पहले लाइसेंस
की स्वीकृति के
समय 60,000/- रूपये लाइसेंस
शुल्क देना होगा
।
निम्नलिखित
के लिए लाइसेंस
शुल्क में रियायत
होगी : किसी संगठन
अथवा कारपोरेट
निकाय को भा मा
ब्यूरो द्वारा
प्रमाणित पहली
इकाई के प्रत्येक
बाद की इकाई (समूह
रूप में अथवा समूह
के अलावा) – लाइसेंस
शुल्क 40,000/- रू होगा
। पहली इकाई के
लिए लाइसेंस शुल्क
60,000/- रू लिया जाएगा
। लघु उद्योग/अनुषन्गी/बहुत
छोटी इकाइयों
के लिए आवेदन शुल्क
40,000/- रू होगा ।
·
लघु सेवा
और व्यापार (उद्योग
सम्बन्धित) उद्यम
जिन्होंने
भूमि और भवन को
छोड़कर नियत (स्थिर) सम्पत्ति
में 10 लाख रू तक का
निवेश किया हुआ
है – आवेदन
शुल्क 40,000/- रू होगा
।
लघु उद्यम
– कोई
भी इकाई जिसमें
एक करोड़ रूपए
से कम की पूंजी
लगी है (नियत सम्पत्ति
+ निबल
चालू सम्पत्ति) और 25 से
कम कर्मचारी हैं
– आवेदन
शुल्क 40,000/- रू होगा।
पुस्तकालय, प्रयोगशाला, स्कूल, कालेज, पोलीटेक्नीक, प्रशिक्षण संस्थान और सरकार, राज्य सरकार और निजी क्षेत्र के स्वास्थ्य संस्थान, उनके आकार के अनुसार आवेदन शुल्क 40,000/- रूपये होगा । 5 समूह अथवा 5 से अधिक समूह के लिए (अगर यह इकाइयॉं समूह रूप में आवेदन करें) लाइसेंस शुल्क 40,000/- रूपये लिया जाएगा । लेकिन 5 समूह अथवा 5 से अधिक समूह के पहë