राजीव गॉंधी

राष्‍ट्रीय गुणता पुरस्‍कार - 2005

 

सामान्‍य जानकारी

राजीव गॉंधी राष्‍ट्रीय गुणता पुरस्‍कार की स्‍थापना भारतीय मानक ब्‍यूरो द्वारा उन निर्माणकर्ता और सेवा संगठनों को विशेष मान्‍यता देने के लिए 1991 में की गई जो भारत में गुणता आंदोलन के अग्रणी समझे जाते हैं। इस पुरस्‍कार की स्‍थापना का उद्देश्‍य गुणता कार्यक्रमों में भारतीय उद्योगों की रूचि पैदा करना और उनको भाग लेने के लिए प्रेरित करना, वस्‍तुओं और सेवाओं में उच्‍च गुणता लाने की दिशा में प्रयास करना और हमारे उद्योगों को स्‍वदेशी तथा अन्‍तर्राष्‍ट्रीय बाजारों की चुनौतियों का सामना करने के लायक बनाना है।

 

इस पुरस्‍कार का नामकरण भूतपूर्व प्रधान मंत्री स्‍वर्गीय राजीव गॉंधी के नाम पर किया गया है। उन्‍होंने गुणता आन्‍दोलन को एक नई प्रेरणा दी, ताकि भारत 21वीं शताब्‍दी में गर्व से प्रवेश कर सके।

 

राजीव गॉंधी राष्‍ट्रीय गुणता पुरस्‍कार वस्‍तुओं की गुणता में सुधार लाने के लिए निम्‍नलिखित रूप से सहायता करेगा :

क) उपभोक्‍ता की अधिकाधिक संतुष्टि के लिए गुणता में सार्थक सुधार लाने और विश्‍व बाजार की प्रतिस्‍पर्धा का सफलतापूर्वक सामना करने के लिए भारतीय उद्योग को प्रोत्‍साहित करना।

ख) जो संगठन अपनी वस्‍तुओं और सेवाओं की गुणता में सुधार लाते हैं, और उन्‍हें दूसरों के समक्ष उदाहरण के रूप में प्रस्‍तुत करते हैं, उनकी उपलब्धियों को मान्‍यता देना।

ग) ऐसे मार्गदर्शी सिद्धान्‍त और मापदण्‍ड स्‍थापित करना, जिनका उपयोग उद्योग अपने गुणता सुधार प्रयासों का मूल्‍यांकन करने के लिए कर सकें, और

घ) जो संगठन गुणता में श्रेष्‍ठता हासिल करना चाहते हैं, उनको ऐसी श्रेष्‍ठता हासिल करने के लिए पुरस्‍कार प्राप्‍तकर्ता संगठनों द्वारा बनाई गई गुणता प्रबन्‍ध नीति संबंधी विस्‍तृत जानकारी उपलब्‍ध करा कर विशिष्‍ट मार्गदर्शन प्रदान करना, ताकि वे अपनी संस्‍कृति में आवश्‍यक परिवर्तन करके श्रेष्‍ठता हासिल कर सकें।

 

इस पुरस्‍कार की रूपरेखा अन्‍य विकसित देशों के ऐसे ही पुरस्‍कारों, यथा अमेरिका के मैलकम बाल्‍डरिज नेशनल क्‍वालिटी एवार्ड, जापान के डेमिंग प्राइज़ और यूरोपीय क्‍वालिटी एवार्ड के अनुसार ही तैयार की गई है।

 

पुरस्‍कार आवृत्ति

 राजीव गॉंधी राष्‍ट्रीय गुणता पुरस्‍कार वित्‍तीय वर्ष के आधार पर दिया जाने वाला वार्षिक पुरस्‍कार है। वर्ष 2005 के पुरस्‍कार के लिए 1 अप्रैल 2004 से 31 मार्च 2005 के दौरान गुणता में प्राप्‍त की गई उपलब्धियों पर विचार किया जाएगा।

 

आवेदक संस्‍थाओं को लाभ

*    इससे संगठन, गुणता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के स्‍तर का आकलन करने में सक्षम होगा। इससे संगठन को यह भी मालूम हो जाएगा कि संगठन के प्रत्‍येक स्‍तर तथा सभी क्षेत्रों की गतिविधियों द्वारा किस सीमा तक प्रति‍बद्धता का पालन किया जा रहा है।

*  इसके अतिरिक्‍त स्‍वमूल्‍यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदक अपनी सामर्थ्‍य और कमजोरियॉं जान सकेगा।

 

पुरस्‍कार प्राप्‍तकर्ता को लाभ

 

Ø      पुरस्‍कार प्राप्‍तकर्ता संगठन(नों) को भारत में गुणता आन्‍दोलन में अग्रणी माना जाएगा।

Ø       पुरस्‍कार प्राप्‍तकर्ता अपनी उपलब्धि का वर्णन अपनी मुद्रित एवं प्रचार-सामग्री में कर सकेगा। यदि किसी संगठन की एक इकाई के पुरस्‍कार के लिए चुने जाने पर इस उपलब्धि का प्रचार केवल उसी इकाई की मुद्रित एवं प्रचार-सामग्री में किया जा सकेगा, पूरे निकाय की मुद्रित एवं प्रचार-सामग्री में नहीं।

Ø      पुरस्‍कार, सरकारी, व्‍यावसायिक निकायों, उद्योग और उपभोक्‍ता संगठनों के शीर्षस्‍थ पदों पर आसीन महानुभावों की उपस्थिति में एक भव्‍य समारोह में दिए जायेंगे।

Ø      पुरस्‍कार विजेताओं को इससे व्‍यवसाय में बहुत लाभ मिलेगा, क्‍योंकि इससे उन्‍हें उत्‍कृष्‍ट के रूप में मान्‍यता मिलेगी।

Ø      जो लघु स्‍तर का संगठन पुरस्‍कार जीत रहा है और जिसके पास वैध बी.आई.एस. उत्‍पाद प्रमाणन लाईसेंस है, उसे उसी वर्ष में, जिस वर्ष पुरस्‍कार जीता है, उनके उसी जगह पर सभी लाइसेंसों को न्‍यूनतम चिन्‍ह फीस में 25% की छूट, वित्‍तीय प्रोत्‍साहन के रूप में दी जाएगी।

 

पुरस्‍कार और प्रशस्ति-पत्र

कुल पॉंच पुरस्‍कार हैं, जिनमें से एक पुरस्‍कार बड़े स्‍तर के निर्माण संगठनों के लिए, एक छोटे स्‍तर के सेवा संगठनों के लिए और एक सभी में श्रेष्‍ठ रहने वाले संगठन के लिए। इसके अतिरिक्‍त निम्‍नलिखित औद्योगिक क्षेत्रों के बड़े तथा छोटे स्‍तर के निर्माण संगठनों में से प्रत्‍येक के लिए प्रशस्ति-पत्र भी हैं:

) रसायन उद्योग,

) विद्युत और इलैक्‍ट्रॉनी उद्योग,

) खाद्य और औषधि उद्योग,

) रत्‍न, आभूषण एवं संबद्ध उद्योग,

ड़) धातुकर्म उद्योग, और

) वस्‍त्रादि उद्योग, और

) इंजीनियरी उद्योग और अन्‍य।

 

पुन: निम्‍नलिखित सेवा खंडो लघु एवं बड़े स्‍तर में प्रत्‍येक के लिए एक-एक, पॉंच प्रशस्ति-पत्र हैं:

 

) वित्‍त,

) स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल,

) सूचना तकनीकी,

) उपदेयताऍं, और

ड़) अन्‍य।

 

उपर्लिखित पुरस्‍कारों/प्रशस्ति-पत्रों की संख्‍या अधिकतम है। राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार समिति (रा.पु.स.) द्वारा निर्धारित मूल्‍यांकन के मापदण्‍डों के अनुसार उपयुक्‍त आवेदक न मिलने पर उक्‍त पुरस्‍कारों/प्रशस्ति-पत्रों में से कोई पुरस्‍कार/प्रशस्ति-पत्र किसी को भी नहीं दिया जा सकेगा।

     

सर्वोत्‍तम पुरस्‍का में शामिल है एक प्रमाण-पत्र  और एक शील्‍, चॉंदी से निर्मित तथा सोने की पॉलिश की हुई, जिसका व्‍या 25 सें.मी. है। शील्‍ पर अंडाकार रूप में लोगो ‘Q’ खुदा हुआ है और स्‍वर्गीय श्री राजीव गॉंधी के बारे में एक पंक्‍ि है। इस परराजीव गॉंधी राष्‍ट्री गुणता पुरस्‍का, 2005 – सर्वोत्‍तऔर जीतने वाली संस्‍था का नाम भी खुदा हुआ होता है।

न्‍य पुरस्‍कारों में एक प्रमाण-त्र और एक चॉंदी की शील्‍ड शामिल है जिसका व्‍या 20 सें.मी. है। शील्‍ड पर अंडाकार रूप में लोगो ‘Q’ खुदा हुआ है और स्‍वर्गीय श्री राजीव गॉंधी के बारे में एक पं‍क्‍ि है। इस परराजीव गॉंधी राष्‍ट्री गुणता पुरस्‍का, 2005 – श्रेणी और जीतने वाली संस्‍था का नाम भी खुदा हुआ होता है।

प्रशंसनीय पुरस्‍का की श्रेणी में एक प्रमाण-त्र और एक चॉंदी की शील्‍ड शामिल है जिसका व्‍या 15सें.मी. है। शील्‍ पर अंडाकार रूप में लोगो ‘Q’ खुदा हुआ है और स्‍वर्गीय श्री राजीव गॉंधी के बारे में एक पंक्‍ि है। इस परराजीव गॉंधी राष्‍ट्री गुणता पुरस्कार,2005प्रशस्‍ित (औद्योगिक क्षेत्र)’ और जीतने वाली संस्था का नाम भी खुदा हुआ होता है।

पुरस्‍कार में भाग लेने के लिए पात्रता

सभी निर्माण और सेवा संगठन-पुरस्‍कार और प्रशस्ति-पत्र के लिए प्रतिस्‍पर्धा में उस स्थिति में भाग लेने के पात्र होंगे यदि वे निम्‍नलिखित शर्तें पूरी करते हो:

) आवेदक संगठन भारत में स्थित हो्,

) आवेदक संगठन, आवेदन की अंतिम तिथि तक कम से कम तीन साल तक अस्तित्‍व में हो,

) आवेदक संगठन एक स्‍थान पर स्थित हो अथवा उनके संगठन की इकाई एक ही स्‍थान पर स्थित हो,

) यदि किसी आवेदक संगठन को 1 अप्रैल 2002 से 31 मार्च 2005 की अवधि में किसी अदालत द्वारा उत्‍पाद अथवा सेवा में गुणता में कमी और/अथवा किन्‍हीं वित्‍तीय अनियमितताओं के लिए किसी नियामक प्राधिकरण अथवा अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया हो तो वह भाग लेने के लिए पात्र नहीं होगा। आवेदक संगठन को इसके लिए एक आश्‍वासन देना होगा।

ड़) आवेदक संगठन उन उत्‍पादों, जैसे तंबाकू एवं मादक पदार्थ, का उत्‍पादन न करते हों जो कि स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हानिकारक हैं।

 

वह उप इकाई जो पैतृक संगठन के लिए केवल सहायक कार्य जैसे कि विक्रय, विपणन, वितरण, वित्‍त, मानव संसाधन और स्‍वास्‍थ्‍य, कर रही है, वह पात्र नहीं है। [उपइकाई एक बड़े संगठन (पैतृक संगठन) की वह इकाई अथवा प्रभाग है, जिस पर संगठन का स्‍वामित्‍व अथवा संगठनात्‍मक तथा/अथवा वित्‍तीय नियंत्रण हो]। किसी संगठन को पुरस्‍कार प्राप्‍त होने के बाद वह संगठन अगले तीन पुरस्‍कारों के लिए आवेदन करने का पात्र नहीं होगा, परन्‍तु यह शर्त प्रशस्ति-पत्र प्राप्‍त करने वाले संगठनों पर लागू नहीं होगी।

 

शुल्‍क

आवेदन शुल्‍क

      बड़े स्‍तर के संगठनों (निर्माण या सेवा क्षेत्र) के लिए            5 000 रूपए

      छोटे स्‍तर के संगठनों (निर्माण या सेवा क्षेत्र) के लिए           1 500 रूपए

आवेदन शुल्‍क में आवेदनों की प्रारंभिक जांच शामिल है और इसे आवेदन पत्र के साथ देना होगा। भा मा ब्‍यूरो वेबसाइट (http://www.bis.org.in) से लिए गए आवेदन पत्र को पुरस्‍कार के लिए आवेदन के लिए उपयोग करने के मामले में आवेदन शुल्‍क के साथ अतिरिक्‍त रूपए 200/- जमा करना अपेक्षित है।

 

आकलन शुल्‍क

जिन आवेदक संगठनों का प्रारंभिक जांच के बाद तथ्‍यों की जांच और मूल्‍यांकन दौरे के लिए चयन होगा उनको निम्‍नलिखित के अनुसार शुल्‍क देना होगा :

      बड़े स्‍तर के संगठन (निर्माण या सेवा) एक दिवसीय दौरा       25 000 रूपए

      छोटे स्‍तर के संगठन (निर्माण या सेवा)                      40 500 रूपए

      छोटे स्‍तर के संगठन (निर्माण या सेवा)                      10 000 रूपए

बड़े स्‍तर के संगठनों के मामले में, भारतीय मानक ब्‍यूरो (भा मा ब्‍यूरो) संगठन के आकार, वार्षिक लेन-देन और जटिलता को ध्‍यान में रखते हुए मूल्‍यांकन दौरे के दिनों की संख्‍या निर्धारित करेगा।

 

इस उपर्लिखित आवेदन शुल्‍क के अतिरिक्‍त आवेदक संगठनों को उनके संगठन का दौरा करने वाली मूल्‍यांकन समिति के सदस्‍यों का आने-जाने और स्‍वागत सत्‍कार का व्‍यय भी वहन करना होगा।

 

आवेदन शुल्‍क तथा आकलन शुल्‍क का भुगतान भारतीय मानक ब्‍यूरो के पक्ष में नई दिल्‍ली में देय डिमांड ड्राफ्ट/पे आर्डर द्वारा किया जायेगा।

 

आंकलन मापदंड

 

बड़े स्‍त के संगठनों के लिए इन नौ सूत्रों के आधार पर आंकलन किया जाता हैनेतृत्‍व, नीतियॉं, स्‍तुनिष्‍ठ एवं योजनाऍं, मानव संसाधन प्रबंधन, संसाधन, प्रक्रियाऍं, ग्राहक केन्‍िद्र परिणाम, कर्मियों की संतुष्‍िट, पर्यावरण एवं माज पर प्रभा और व्‍यवसाय परिणाम।

छोटे/लघु स्‍त के संगठनों के लिए इन : सूत्रों के आधार पर आंकलन किया जाता हैनेतृत्‍व, मानव संसाधन प्रबंधन, प्रक्रियाऍं,  ्राहक  केन्‍िद्र परिणाम, पर्यावरण एवं समाज पर प्रभाव और व्‍यवसाय परिणाम।

आवेदक संगठन द्वारा दिए गए सूचना के आधार पर दर्शाए गए गुणता उपलब्‍िधयॉं एवं गुणता सुधारों पर बल दिया जाएगा।

 

आकलन प्रक्रिया

सभी प्राप्‍त आवेदन जो हर दृष्टि से पूर्ण है और पुरस्‍कार में प्रतिस्‍पर्धा के लिए पात्रता की सभी शर्तें पूरी करते हैं, का मूल्‍यांकन आवेदन पत्र में आवेदक संगठन द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर आंकलन किया जाएगा।

 

उपर्युक्‍त मापदण्‍ड के आधार पर जो आवेदक संगठन प्रारंभिक जांच में चुने जाएंगे वे तथ्‍यों की जॉंच करने और मूल्‍यांकन के लिये दौरे के लिए पात्र होंगे। मूल्‍यांकन समिति जिसमें इस कार्य के लिए विशेषज्ञ नियुक्‍त किए जाते हैं, आवेदक संगठन का स्‍थल पर अध्‍ययन और मूल्‍यांकन के लिए दौरा करेंगे।

 

आवेदन फार्म

च्‍छु संगठन आवेदन फार्म को व्‍यक्‍ितगत रूप से 200/- रूपये रोकड़ याभारतीय मानक ब्‍यूरोके क्ष में नई दिल्‍ली पर देय मॉंग ड्रा‍फ्ट दे कर, विक्रय काउंटर भारतीय मानक ब्‍यूरो, 9, बहादुरशाह जफर मार्ग, नई दिल्‍ली 110002 से  कर सकते हैं। जो इसे डाक द्वारा पाने के च्‍छुक हैं, “निदेशक एवं प्रमुख (प्रबंधन एवं प्रणाली), भारतीय मानक ब्‍यूरोको 250/- रूपये काभारतीय मानक ब्‍यूरोके पक्ष में नई दिल्‍ली पर देय मॉंग ड्राफ्ट लिफाफे पर “‘राजीव गॉंधी राष्‍ट्री गुणता पुरस्‍कार, 2005 – आवेदन फार्म हेतु निवेदनअंकित कर उपरोक्‍त पते से प्राइज़  कर सकते हैं। आवेदन पत्र  स्‍पीड पोस्‍ट/कोरिय/पंजीकृत डाक द्वारा भेजी जाएगी।

पूरा भरा हुआ आवेदन पत्र निर्धारित शुल्‍क सहित निदेशक एवं प्रमुख (प्रबंधन एवं प्रणाली), भारतीय मानक ब्‍यूरो, 9, बहादुरशाह जफर मार्ग, नई दिल्‍ली 110002  दिनांक 2 जून 2005 तक प्राप्‍त हो जाना चाहिए।

 

आवेदन फार्म भारतीय मानक ब्‍यूरो की वेबसाइट http://www.bis.org.in से भी डाउनलोड किया जा सकता है। यदि पुरस्‍का के लिए डाउनलोड किए गए आवेदन फार्म का उपयोग किया गया है, तो 200/- रूपये की अतिरिक्‍त राशि आवेदन शुल्‍क के साथ जमा करवानी होगी।

 

अधिक सूचना के लिएनिदेशक एवं प्रमुख (प्रबंधन एवं प्रणाली), फोन नं. 011-23231106, फैक्‍ नं. 011-23239842/23221106, -मेल msd@bis.org.in को नीचे दिए गए पते पर संपर्क करे :

 

भारतीय मानक ब्यूरो

मानक भवन, 9 बहादुरशाह जफर मार्ग,

नई दिल्‍ल 110002