मानक
संवर्धन
निर्धारण
के अलावा मानकों
की नियमित समीक्षा
पर भी जोर दिया
जाता है ताकि उन्हें
आधुनिक प्रौद्योगिकी
घटनाक्रमों के
समनुरूप बनाया
जा सके तथा साथ
ही अंतर्राष्ट्रीय
मानकों अथवा
उनके समतुल्य
मानकों के
साथ सुमेल बनाया
जा सके।
उद्योग, बड़े
पैमाने के क्रय
संगठनों, सांविधिक
निकायों एवं
विश्वविद्यालयों
द्वारा भारतीय
मानकों के
और अधिक अंगीकरण
के लिए एक सुनियोजित
योजना तैयार की
गई है। योजना में
निम्न पर बल दिया
गया है:-
- कंपनी मानकीकरण
एवं एसोसिएशन
स्तरीय मानकीकरण
- क्षेत्रक समितियों
के माध्यम से
मानकों का
प्रभावी कार्यान्वयन
यथा इस्पात, खाद्य, वस्त्रादि, सूचना प्रौद्योगिकी, आटोमोटिव एवं
पावर से संबंधित
समितियां
- भारतीय मानकों का
बेहतर कार्यान्वयन
सुनिश्चित करने
के लिए मानकीकरण
तथा गुणता
पद्धतियों
से संबंधित राज्य
स्तरीय समितियां
- विधान में
भारतीय मानकों
का प्रयोग
- निजी तथा
सार्वजनिक क्षेत्र
के उपक्रमों के
साथ अपेक्षतया
अधिक अंत:क्रिया
- सार्वजनिक
क्रय मानकों
तथा मानक मुहरांकित
उत्पादों के
आधार पर करना
- शैक्षिक
पद्धति में मानकों का
उपयोग
- सूचना एवं
लघु उद्योग सुविधाकारक
प्रकोष्ठ (एकल
विंडो सेवा)
- मानक जागरूकता
के सृजन के लिए
सघनीकृत
मीडिया अभियान
परिचय
नए विषयों
का प्रस्ताव करने
वाला प्रोफार्मा
सूचना
सेवाएं
अंतर्राष्ट्रीय
सहयोग